Pratikraman(Abr) (In Hindi) Pratikraman(Abr.) (In hindi) Click to read
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Pratikraman(Abr) (In Hindi)

Pratikraman(Abr.) (In hindi)

Published on in “, Religion & Spirituality”, language — English. 114 pages.
इंसान हर कदम पर कोई ना कोई गलती करता है जिससे दूसरों को दुःख होता है|अपने द्वारा किये गए पापों का प्रायश्चित हम माफ़ी मांग कर, कर सकते है| इस पुस्तक में हम हमारे द्वारा किये गए हर प्रकार के दोषों से कैसे मुक्त हो सके इसका रास्ता दिया है| More
इंसान हर कदम पर कोई ना कोई गलती करता है जिससे दूसरों को दुःख होता है|अपने द्वारा किये गए पापों का प्रायश्चित हम माफ़ी मांग कर, कर सकते है| इस पुस्तक में हम हमारे द्वारा किये गए हर प्रकार के दोषों से कैसे मुक्त हो सके इसका रास्ता दिया है| More