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Whatever Has Happened Is Justice (In Hindi)

Whatever happened Is Justice (In Hindi)

出版日期 / “生活方式, 生活方式” / 语言—Hindi / 34页
मैंने किया' बोला कि कर्म बंध जाता है। ये 'मैंने किया' इसमें इगोइज़्म(अहंकार) है और इगोइज़्म से कर्म बंध जाता है। जिधर इगोइज़्म ही नहीं, मैंने किया ही नहीं है, वहाँ कर्म नहीं बंधता। 更多
निर्दोष व्यक्ति जेल भुगतता है और गुन्हेगार मौज उडाता है, तब इसमें न्याय कहा रहा| दादाश्री की यह अनमोल खोज है की कुदरत कभी अन्यायी हुई ही नहीं है। कुदरत न्याय स्वरूप है। इस सूत्र का जितना उपयोग जीवन में होगा, उतनी ही शांति बढेगी|अधिक जानने के लिए पढ़े 更多