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Aptavani-4 (In Hindi)

Aptavani-4(In Hindi)

Опубликовано в ", Религия и духовные практики", язык - English. 382 страниц.
जब हम स्वयं जागृत हो जाते हैं तो हमें सारी सृष्टि के मालिक होने का एहसास होता है। जिसे आत्मा के विज्ञान की अनुभूति हो गई, वह संसार में रहकर ही जीवन मुक्त हो जाता है। हम स्वयं के प्रति कैसे जागृत रहे इसका ज्ञान इस पुस्तक में दिया गया है| Еще
जब हम स्वयं जागृत हो जाते हैं तो हमें सारी सृष्टि के मालिक होने का एहसास होता है। जिसे आत्मा के विज्ञान की अनुभूति हो गई, वह संसार में रहकर ही जीवन मुक्त हो जाता है। हम स्वयं के प्रति कैसे जागृत रहे इसका ज्ञान इस पुस्तक में दिया गया है| Еще
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